एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक लुकेमिआ के मरीजों में मेंटेनन्स के दौरान 6-MP का महत्व।

बच्चों में एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक लुकेमिआ के सफल इलाज का एक अति महत्व पूर्ण भाग मेंटेनन्स के दौरान 6-MP का सही रूप में उपयोग करना है। मेंटेनन्स के दौरान या फिर मेंटेनन्स के तुरंत बाद बीमारी का वापस आने का एक महत्व पूर्ण कारन 6-MP का सही रूप में उपयोग न करना है।

एक अध्ययन के हिसाब से एक तिहाई बच्चों में एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक लुकेमिआ रिलैप्स का कारन 6-MP का सही रूप में उपयोग न करना है। (माध्यम-१)

आप 6-MP सही डोज़ में और सही तरीके से ले रहे हैं इसका संकेत हमे टीएलसी से पता चलता है। मेंटेनन्स के दौरान टीएलसी को २००० से ३००० के बिच में रखने का लक्ष्य रखा जाता है और यह लक्ष्य बनाये रखना मेंटेनन्स का सबसे महत्व पूर्ण भाग है जिसको की हम 6-MP और मिथोट्रेक्सेट के सही उपयोग से हासिल करते हैं। यदि मेंटेनन्स के दौरान टीएलसी २००० से कम हो और ३००० से ज्यादा हो तो 6-MP और मिथोट्रेक्सेट का डोज़ घटाने/बढ़ाने की जरुरत पड़ती है और आपका अपने डॉक्टर से संपर्क करना जरुरी है।

यदि टीएलसी २००० से काम हो जाती है तो इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और अगर टीएलसी ३००० से ज्यादा रहे तो बीमारी का वापस आने (रिलैप्स) का खतरा बढ़ जाता है इसिलए दोनों ही स्थिति में आपका डोज़ घटाने/बढ़ाने के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करना जरुरी है।

नोट : आम तौर पे मेंटेनन्स के दौरान आपको १ महीने के अंतराल पे बुलया जायेगा और उस समय आपको CBC / LFT की जाँच के साथ आना है।

  • यदि टीएलसी १००० के काम हो तो 6-MP और मिथोट्रेक्सेट को तुरंत लेना बंद कर के अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
  • तेज बुखार (१०१ से ज्यादा एक बार या फिर १००. ४ से ज्यादा तापमान दो से ज्यादा बार) हो तो टीएलसी की जाँच करके तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
  • यदि लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) की जाँच में AST/ALT २०० से ज्यादा या फिर टोटल बिलीरुबिन ३ से ज्यादा हो तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

मेंटेनन्स में 6-MP, मिथोट्रेक्सेट और फोल्वित लेने का सही तरीका नीचे बने चित्र में बताया गया है।

  • 6-MP रोज़ (डोज़ जितना बताया गया हो) शाम के समाय में खली पेट (लेने के दो घंटे पहले और २ घंटे बाद में दूध या दूध से बने चीज़े न लें )
  • मिथोट्रेक्सेट रविवार को (डोज़ जितना बताया गया हो) शाम के समाय में खली पेट (लेने के दो घंटे पहले और २ घंटे बाद में दूध या दूध से बने चीज़े न लें )
  • फोल्वित (डोज़ जितना बताया गया हो) मंगलवार से लेकर शुक्रवार तक।

माध्यम-१ : Bhatia S, Landier W, Hageman L, et al. 6MP adherence in a multiracial cohort of children with acute lymphoblastic leukemia: a children’s oncology group study. Blood. 2014;124:2345-2353.

One thought on “एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक लुकेमिआ के मरीजों में मेंटेनन्स के दौरान 6-MP का महत्व।

  1. Awadhesh sharma w/o sushama sharma says:

    Sir ham to aap ke nirdesh ke dvara hi 6 mp lete hi sir 15 ko sushma ko lekar ghar par aaya hu 23ko c bc karke dikhana hi sir priyanka mem us din se 1 6mp khane ko bola hi tab se 1teblet chal rha hi

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